लेखक: Sarkari Jankari Guide | अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026
परिवार की समग्र प्रोफाइल में कई बार ऐसे नाम रह जाते हैं जो अब परिवार का हिस्सा नहीं हैं: दादाजी जिनका निधन हो गया, बेटी जिसकी शादी हो गई, या कोई सदस्य जिसका नाम गलती से दो बार जुड़ गया। ये नाम हटाना जरूरी है, क्योंकि इनकी वजह से राशन, पेंशन और दूसरी योजनाओं में गड़बड़ी होती है। लेकिन Samagra member delete का तरीका हर स्थिति में अलग है। इस लेख में हम हर स्थिति को अलग-अलग समझा रहे हैं।
यह वेबसाइट सरकार की नहीं है। नाम हटाने का अनुरोध सिर्फ समग्र पोर्टल या आपकी पंचायत/निकाय के जरिए होता है।
Samagra member delete: सबसे पहले: नाम “हटाना” और “स्थानांतरण” अलग हैं

बहुत से लोग शादी के बाद बेटी का नाम “डिलीट” करवाना चाहते हैं। यह गलत तरीका है। बेटी की सदस्य आईडी जीवनभर उसकी रहती है। शादी के बाद उसे ससुराल वाले परिवार में स्थानांतरित किया जाता है, डिलीट नहीं। अगर आप उसका नाम डिलीट कर देंगे, तो ससुराल में उसकी नई आईडी बनेगी, जिससे आगे eKYC और योजनाओं में दिक्कत होगी।
| स्थिति | सही प्रक्रिया |
|---|---|
| — | — |
| सदस्य की मृत्यु | मृत्यु दर्ज करवाना (नाम निष्क्रिय होता है) |
| बेटी/बेटे की शादी | नए परिवार में स्थानांतरण |
| सदस्य दूसरे परिवार में रहने चला गया | उस परिवार में स्थानांतरण |
| एक व्यक्ति के दो नाम/डुप्लिकेट | डुप्लिकेट आईडी निष्क्रिय करवाना |
| गलत व्यक्ति का नाम जुड़ा | निकाय से सत्यापन के बाद हटवाना |
स्थिति 1: सदस्य की मृत्यु होने पर
यह सबसे आम मामला है। परिवार में किसी की मृत्यु के बाद उसका नाम समग्र में “मृत” दर्ज होना चाहिए।
क्या चाहिए: मृत्यु प्रमाण पत्र (पंचायत या नगर निकाय से बना), मृत सदस्य की समग्र आईडी, आवेदक (परिवार का सदस्य) का आधार।
कैसे होगा:
- पहले मृत्यु का पंजीयन करवाकर मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाएं। मृत्यु के 21 दिन के भीतर पंजीयन सबसे आसान होता है।
- ग्राम पंचायत या वार्ड कार्यालय में समग्र में मृत्यु दर्ज करने का आवेदन दें, प्रमाण पत्र की कॉपी के साथ।
- पोर्टल पर भी मृत्यु से जुड़ी जानकारी अपडेट करने/संशोधन का विकल्प मिलता है।
- सत्यापन के बाद सदस्य का नाम “मृत” दिखने लगेगा।
ध्यान दें: अगर मृत व्यक्ति परिवार का मुखिया था, तो नया मुखिया भी तय करवाना होगा। साथ में अगर उनकी पत्नी जीवित हैं, तो उनकी वैवाहिक स्थिति “विधवा” करवाएं, ताकि विधवा पेंशन जैसी योजनाओं में दिक्कत न हो। इसके बारे में वैवाहिक स्थिति सुधार पढ़ें।
स्थिति 2: शादी के बाद
जैसा ऊपर बताया, यहां डिलीट नहीं, स्थानांतरण होता है। ससुराल वाले परिवार की तरफ से अनुरोध दिया जाता है कि बहू की सदस्य आईडी को उनके परिवार में जोड़ा जाए। विवाह प्रमाण पत्र या स्थानीय नियम के अनुसार दूसरे प्रमाण लगते हैं। पूरी प्रक्रिया नया सदस्य जोड़ें गाइड में है।
स्थिति 3: डुप्लिकेट आईडी
कभी-कभी एक ही व्यक्ति की दो सदस्य आईडी बन जाती हैं, जैसे गांव में एक और शहर में दूसरी। इससे eKYC फेल होती है, क्योंकि एक आधार दो आईडी से नहीं जुड़ सकता। ऐसे में:
- तय करें कि कौन-सी आईडी रखनी है (आम तौर पर वह जिससे योजनाओं का लाभ जुड़ा है)।
- निकाय कार्यालय में दूसरी आईडी निष्क्रिय करने का आवेदन दें।
- दोनों आईडी की जानकारी साथ ले जाएं।
स्थिति 4: गलती से जुड़ा अनजान नाम
कुछ परिवारों की प्रोफाइल में ऐसा नाम दिखता है जिसे वे जानते ही नहीं। यह सर्वे के समय की गलती हो सकती है। ऐसे में निकाय कार्यालय में लिखित आवेदन दें कि यह व्यक्ति परिवार का सदस्य नहीं है। सत्यापन के बाद नाम हटाया जाता है। खुद अनुमान से कुछ न करें, क्योंकि हो सकता है वह किसी दूर के रिश्तेदार का पुराना रिकॉर्ड हो।
नाम हटाने का योजनाओं पर असर
| योजना | असर |
|---|---|
| — | — |
| राशन | परिवार के सदस्यों की संख्या कम होने पर राशन की मात्रा बदल सकती है |
| पेंशन | मृत व्यक्ति की पेंशन बंद होगी; जीवित पति/पत्नी के लिए नई पात्रता |
| लाड़ली बहना | परिवार की जानकारी अपडेट रहने से सत्यापन में दिक्कत नहीं |
| आयुष्मान/दूसरी योजनाएं | परिवार के सदस्यों की सूची अपडेट होती है |
मृत व्यक्ति के नाम पर पेंशन या राशन लेते रहना गलत है और इससे वसूली की कार्रवाई हो सकती है। इसलिए समय पर नाम अपडेट करवाएं।
एक असली उदाहरण
रायसेन के एक परिवार में दादी का निधन दो साल पहले हुआ था, लेकिन समग्र में नाम नहीं हटाया गया। उनकी पेंशन बंद हो गई थी, लेकिन राशन पर्ची में नाम चल रहा था। सत्यापन में यह पकड़ा गया और परिवार को नोटिस मिला। उन्होंने तुरंत मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ पंचायत में आवेदन दिया और मामला सुलझा। अगर समय पर अपडेट होता, तो नोटिस की नौबत नहीं आती।
अनुरोध की स्थिति कैसे देखें
आवेदन देने पर मिला अनुरोध क्रमांक संभालकर रखें। स्थिति समग्र अनुरोध स्थिति से देखी जा सकती है। 30 दिन से ज्यादा लंबित रहे, तो पंचायत/निकाय में पूछताछ करें। सरकारी पोर्टल: samagra.gov.in
परिवार अलग होने के मामले में नाम हटाना नहीं, बल्कि परिवार विभाजन होता है। इसके लिए समग्र परिवार आईडी अलग कैसे करें देखें।
मुखिया की मृत्यु होने पर नया मुखिया
अगर परिवार के मुखिया का निधन हुआ है, तो उनका नाम “मृत” दर्ज होने के साथ नया मुखिया तय करना जरूरी है। आम तौर पर जीवित पति/पत्नी या परिवार का सबसे बड़ा वयस्क सदस्य मुखिया बनता है। मुखिया बदलने से राशन पर्ची, आवास और दूसरी परिवार आधारित योजनाओं में नाम बदलता है। इसलिए यह काम मृत्यु दर्ज होने के साथ ही करवाएं।
नाम हटाने से पहले प्रोफाइल प्रिंट रखें
कोई भी नाम हटाने या स्थानांतरण का अनुरोध देने से पहले परिवार की मौजूदा प्रोफाइल का प्रिंट या स्क्रीनशॉट रखें। अगर गलती से किसी गलत सदस्य का नाम हट जाए, तो यही रिकॉर्ड सुधार में काम आता है।
गलती से जीवित व्यक्ति “मृत” दर्ज हो जाए
कभी-कभी सर्वे या डेटा की गलती से जीवित व्यक्ति को “मृत” दर्ज कर दिया जाता है, और उसकी पेंशन या राशन बंद हो जाता है। ऐसा हो तो तुरंत पंचायत या निकाय में लिखित आवेदन दें, व्यक्ति को खुद साथ ले जाएं और आधार दिखाएं। जीवित होने के सत्यापन के बाद स्थिति ठीक की जाती है। पेंशन से जुड़ी बातें समग्र पेंशन पोर्टल में हैं।
मृत्यु प्रमाण पत्र देर से बनवाना
अगर मृत्यु के 21 दिन के बाद पंजीयन हो रहा है, तो देरी से पंजीयन के नियम लागू होते हैं, जिनमें अतिरिक्त दस्तावेज या अनुमति लग सकती है। इसलिए परिवार में मृत्यु होने पर पंजीयन जल्दी करवाएं।
छोटी सलाह
परिवार में हर बड़ी घटना के बाद, जैसे जन्म, मृत्यु या विवाह, उसी महीने समग्र अपडेट करवाने की आदत बनाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या शादी के बाद बेटी का नाम समग्र से डिलीट करना चाहिए?
नहीं, उसे ससुराल वाले परिवार में स्थानांतरित करना चाहिए। उसकी सदस्य आईडी वही रहती है।
मृत्यु के बाद समग्र से नाम कैसे हटेगा?
मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ पंचायत या निकाय में आवेदन दें। नाम “मृत” दर्ज होगा।
क्या मैं खुद ऑनलाइन किसी सदस्य को डिलीट कर सकता हूं?
कुछ अनुरोध ऑनलाइन दिए जा सकते हैं, लेकिन नाम हटाने के लिए सत्यापन होता है। अंतिम निर्णय निकाय का होता है।
डुप्लिकेट आईडी कैसे पहचानें?
eKYC में “आधार पहले से जुड़ा है” आए या खोज में एक व्यक्ति दो जगह दिखे, तो डुप्लिकेट हो सकता है।
नाम हटाने की कोई फीस है?
पंचायत/निकाय में आवेदन मुफ्त है। कियोस्क पर सेवा शुल्क लग सकता है।
हमने कैसे जांचा
समग्र पोर्टल की प्रक्रियाओं, जन्म-मृत्यु पंजीयन नियमों और पाठकों के अनुभवों के आधार पर। अंतिम अपडेट: 15 अक्टूबर 2026।
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